रेस्क्यू के दौरान करंट लगने से फायरमैन की मौत, एक जवान गंभीर रूप से घायल

भिवंडी

अब्दुल गनी खान
भिवंडी  मकर संक्रांति के पावन पर्व पर एक दर्दनाक हादसे में भिवंडी अग्निशमन दल के एक फायरमैन की करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका एक साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हृदयविदारक घटना भिवंडी शहर के भादवड–टेमघर परिसर में उस समय घटी, जब अग्निशमन दल पतंग की मांझे में फंसे एक कौए को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन कर रहा था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कौए को बचाने के लिए फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची थी। टीम में फायरमैन नितीन पष्टे (50) और आसाराम आघाव शामिल थे। रेस्क्यू के दौरान फाइबर की एक्सटेंशन पाइप के माध्यम से कौए को छुड़ाने का प्रयास किया जा रहा था। इसी दौरान पाइप का संपर्क पेड़ के ऊपर से गुजर रही उच्च दाब की बिजली लाइन से हो गया, जिससे दोनों फायरमैन को जोरदार करंट का झटका लगा।

इस हादसे में फायरमैन नितीन पष्टे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आसाराम आघाव गंभीर रूप से झुलस गए। घायल फायरमैन को तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

घटना के बाद अग्निशमन दल के कर्मचारियों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि विभाग में भारी अव्यवस्था है और सुरक्षा के लिए आवश्यक उच्च गुणवत्ता की सामग्री उपलब्ध नहीं कराई जाती। एक फायरकर्मी ने बताया कि भिवंडी दमकल विभाग के पास लगभग 35 छोटी-बड़ी दमकल गाड़ियां हैं, लेकिन उसके अनुपात में फायरमैनों की संख्या बेहद कम है। जितने कर्मचारी उपलब्ध हैं, उतनी ही गाड़ियां चलाई जा रही हैं, लेकिन उनमें उपयोग की जाने वाली सुरक्षा सामग्री घटिया गुणवत्ता की है।

कर्मचारियों का कहना है कि मृतक फायरमैन के पास ग्लव्स और गम बूट जैसे सुरक्षा उपकरण होने के बावजूद करंट लग गया। किसी भी सुरक्षा उपकरण का नियमित परीक्षण नहीं किया जाता। करंट सीधे शरीर में उतर गया और फायरमैन की जान चली गई। उनका यह भी आरोप है कि दमकल गाड़ियों में भी उच्च गुणवत्ता की सुरक्षा सामग्री नहीं है, जिससे हर रेस्क्यू ऑपरेशन जान जोखिम में डालकर करना पड़ता है।

इस गंभीर घटना के बावजूद कर्मचारियों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि हादसे के बाद नगर पालिका का कोई भी वरिष्ठ अधिकारी न तो घटनास्थल पर पहुंचा और न ही अस्पताल में घायल जवान की सुध लेने आया। जिस दमकल गाड़ी से रेस्क्यू किया जा रहा था, उसमें केवल दो फायरमैन सवार थे, जिनमें से एक की मौत हो गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया।

यह घटना एक बार फिर भिवंडी अग्निशमन विभाग की बदहाल व्यवस्था, कर्मचारियों की सुरक्षा और प्रशासन की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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