चुनावी रंजिश में दो गुटों की हिंसक झड़प के बाद शहर में तनाव

भिवंडी

60 से अधिक नामजद, 500 से ज्यादा अज्ञात पर 5 केस दर्ज
44 आरोपी गिरफ्तार, सभी को 5 दिन की पुलिस हिरासत

भिवंडी | अब्दुल गनी खान
भिवंडी में मनपा चुनाव की रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया। शिवाजी चौक परिसर में रविवार रात भाजपा विधायक महेश चौगुले और पूर्व महापौर विलास पाटिल के समर्थकों के बीच मारपीट, पथराव और तोड़फोड़ के बाद शहर में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने दोनों गुटों की ओर से दर्ज क्रॉस शिकायतों के आधार पर 60 से अधिक नामजद और 500 से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ पांच अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। अब तक 44 आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से सभी को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार, मनपा चुनाव परिणाम घोषित होने के तीसरे दिन अजय नगर इलाके में हिंसक घटनाएं हुईं। रविवार रात करीब 8 बजे कोणार्क विकास आघाड़ी से निर्वाचित पूर्व महापौर विलास पाटिल और पूर्व महापौर प्रतिभा पाटिल के बंगले पर कथित तौर पर हमला किया गया। हमलावरों ने पथराव कर बंगले में तोड़फोड़ की और अंदर घुसकर मारपीट की, जिसमें पूर्व महापौर दंपती सहित कई लोग घायल हुए। आरोप है कि यह हमला भाजपा विधायक महेश चौगुले के समर्थकों ने किया।

इसके बाद पूर्व महापौर के समर्थक बड़ी संख्या में एकत्र हुए और विधायक महेश चौगुले के कार्यालय पर धावा बोल दिया। वहां जमकर तोड़फोड़ हुई और दोनों पक्षों में झड़पें हुईं। इन घटनाओं में कई लोगों के घायल होने की सूचना है। हालात और बिगड़े तो विलास पाटिल समर्थकों के साथ छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर धरने पर बैठ गए। वहीं दोनों गुट आमने-सामने आ गए, जिसके बाद पुलिस को स्थिति संभालने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा।

            एक्शन मोड में पुलिस
डीसीपी शशिकांत बोराटे ने बताया कि दोनों गुटों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ पांच क्रॉस शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें 60 से अधिक नामजद और 500 से ज्यादा अज्ञात आरोपियों के नाम शामिल हैं। उन्होंने बताया कि हिंसा के बाद पूर्व महापौर विलास पाटिल गुट के 35 और विधायक महेश चौगुले गुट के 8 सहित कुल 44 लोगों को हिरासत में लेकर भिवंडी अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। अन्य आरोपियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की जा रही है। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और फॉरेंसिक टीम सबूत जुटाने में लगी है।

विधानसभा चुनाव से चली आ रही रंजिश
सूत्रों के मुताबिक, मनपा चुनाव में प्रभाग क्रमांक-1 से कोणार्क विकास आघाड़ी के पूर्व महापौर विलास आर. पाटिल के पैनल और भाजपा विधायक महेश चौगुले के पुत्र मित चौगुले के पैनल के बीच सीधा मुकाबला था, जिसमें विधायक के बेटे के पैनल को हार का सामना करना पड़ा। चुनावी माहौल में पहले भी मारपीट की घटनाएं हुई थीं, जो रविवार रात हिंसा में बदल गईं। बताया जा रहा है कि यह रंजिश विधानसभा चुनाव के दौरान शुरू हुई थी, जब विलास पाटिल ने विधायक महेश चौगुले के खिलाफ चुनाव लड़ा था।

       वकीलों की निंदा, निलंबन की मांग
इधर भिवंडी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट किरण चन्ने के नेतृत्व में वकीलों के प्रतिनिधिमंडल ने गोकुल नगर स्थित विलास पाटिल के निवास पर पहुंचकर हमले की निंदा की। वकीलों ने निजामपुर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विश्वास डगले को तत्काल निलंबित करने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल में एडवोकेट मयूरेश पाटिल भी शामिल थे।

           पांच दर्ज मामलों का ब्योरा
पहला मामला: भावेश पाटिल की शिकायत पर पूर्व महापौर विलास पाटिल सहित 100–150 लोगों के खिलाफ।
• दूसरा मामला: हर्ष वरलीकर की शिकायत पर चैतन्य पुल्लेवार और 15–20 अन्य के खिलाफ ‘रत्नदीप’ बंगले पर हमला और जान से मारने की कोशिश का आरोप।
तीसरा मामला: राजू तड़का की शिकायत पर भाजपा उम्मीदवार रितेश टावरे और 100–150 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ घर पर हमला व जानलेवा चोट का केस।
चौथा मामला: निजामपुर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विश्वास डगले की शिकायत पर विलास पाटिल सहित 100–150 लोगों के खिलाफ।
• पांचवां मामला: चैतन्य पुल्लेवार की शिकायत पर रितेश टावरे और 100–150 लोगों के खिलाफ।

फिलहाल भिवंडी में हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। पुलिस ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।

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