भिवंडी में अतिक्रमण से बढ़ी ट्रैफिक जाम की समस्या, सड़क पर सब्जी और मछली बाजार से लोग परेशान

भिवंडी

मनपा की लापरवाही पर उठे सवाल, अस्थायी मंडी में शिफ्ट करने की मांग तेज

अब्दुल गनी खान
भिवंडी: शहर के प्रमुख बाजार क्षेत्र में सड़क पर बढ़ते अतिक्रमण और अस्थायी सब्जी-मछली बाजार के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने मनपा प्रशासन की उदासीनता पर नाराजगी जताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

कासर अली, नजराना टॉकीज से रामेश्वर मंदिर और कोटरगेट होते हुए लाला शॉपिंग तक जाने वाली मुख्य सड़क पर फेरीवालों, हाथ गाड़ियों और ठेलों के अतिक्रमण से रोजाना यातायात बाधित हो रहा है। प्रभाग समिति की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई स्थायी सुधार नजर नहीं आ रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि मनपा के वरिष्ठ अधिकारियों की लापरवाही और कुप्रबंधन के चलते शिवाजीनगर की सब्जी मंडी और उसके बगल की मछली मंडी को अब तक तैयार भवन में स्थानांतरित नहीं किया गया है। इसी वजह से दोनों बाजार रोज सड़क पर लग रहे हैं, जिससे पूरे मार्ग पर लंबा जाम लग जाता है।

नागरिकों ने महापौर नारायण चौधरी और आयुक्त अनमोल सागर से मांग की है कि मंडियों को तुरंत तैयार भवन में शिफ्ट किया जाए, सड़क से अतिक्रमण हटाया जाए और इस मार्ग को सुगम बनाया जाए।

मनपा प्रशासन ने नजराना टॉकीज, रामेश्वर मंदिर, लाला शॉपिंग सेंटर और कोटरगेट मस्जिद के बीच सड़क को चौड़ा कर सीमेंट रोड तो बना दी, लेकिन फेरीवालों और दुकानदारों के कब्जे के कारण निजी और सार्वजनिक परिवहन प्रभावित हो रहा है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शिवाजीनगर और टांगे अली में सड़क पर लग रही सब्जी मंडी को नई मंडी बनने तक अस्थायी रूप से जगताप मंडी या आरक्षित क्षेत्र में शिफ्ट किया जाए।

मंडी की कमी के कारण ग्रामीण इलाकों से आने वाली महिला किसान चिलचिलाती धूप में सड़क किनारे बैठकर सब्जियां बेचने को मजबूर हैं।

इसी तरह नई मछली बाजार इमारत के निर्माण के बावजूद पिछले तीन महीनों से बाजार बंद पड़ा है। आरोप है कि बाजार विभाग की ओर से स्टॉल आवंटन में देरी के कारण मछली विक्रेताओं ने सड़क पर अतिक्रमण कर लिया है।

काम्बे, वेहाले और डुंगे जैसे ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली महिलाएं भी खाड़ी से लाई गई मछलियां सड़क किनारे बैठकर बेच रही हैं, जिससे ट्रैफिक और अधिक प्रभावित हो रहा है।

नागरिकों का आरोप है कि मनपा के बाजार विभाग के अधिकारियों की अड़ियल नीति के कारण बाजार स्थानांतरण में लगातार देरी हो रही है।

इस मामले पर पूछे जाने पर मनपा उपायुक्त बालकृष्ण क्षीरसागर ने कहा,
“इस बाजार में स्टॉल लगाने के लिए किसे मंजूरी दी गई है, इसकी जानकारी प्राप्त की जा रही है।”

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सड़क पर कब्जा किए चार पहिया ठेलों और अस्थायी दुकानों को हटाया जाए। उनका कहना है कि ऐसा होने पर यह मुख्य सड़क पूरी तरह यातायात के लिए खुल सकती है।

इस सड़क के प्रभावित होने से नजराना टॉकीज, सुभाष गार्डन, कासर-सोनार आली, परनाका और बाजारपेठ जैसे इलाकों में हमेशा ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है।

चूंकि यह भिवंडी शहर का मुख्य बाजार क्षेत्र है, इसलिए यहां शहर और ग्रामीण दोनों इलाकों के खरीदारों की भारी भीड़ रहती है। नागरिकों का कहना है कि यदि प्रशासन ठोस और स्थायी कदम उठाए तो इस समस्या का समाधान संभव है।

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