डिजिटल गिरफ्तारी से लेकर हाई-प्रोफाइल हमलों तक, 2025 में अपराधों ने बढ़ाई मुंबई की चिंता

महाराष्ट्र मुंबई

मज़हर खान, संवाददाता | मुंबई
मुंबई में वर्ष 2025 के अंत तक अपराधों के बदलते स्वरूप ने पुलिस और आम नागरिक—दोनों की चिंता बढ़ा दी है। डिजिटल गिरफ्तारी जैसे नए साइबर घोटालों, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, संगठित चोरी और हाई-प्रोफाइल हमले के मामलों ने महानगर में तनाव का माहौल बनाए रखा। हालांकि, मुंबई पुलिस की सक्रियता, तकनीकी उन्नयन और त्वरित कार्रवाई से कई मामलों में आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया।

    डिजिटल गिरफ्तारी बना नया हथकंडा
साइबर अपराधों में ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ घोटाला वर्ष 2025 का सबसे खतरनाक ट्रेंड बनकर उभरा। इसमें ठग खुद को कानून प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल के जरिए पीड़ितों को मानसिक दबाव में रखते और अपराधों से झूठा संबंध बताकर मोटी रकम ऐंठते थे। शिक्षित नागरिक भी इस जाल में फंसते नजर आए। साइबर अपराध प्रकोष्ठ और मुंबई पुलिस ने अंतरराज्यीय छापेमारी कर कई गिरोहों का भंडाफोड़ किया और बड़ी धनराशि जब्त की।

  महिलाओं के खिलाफ अपराध में इजाफा
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2025 के पहले छह महीनों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में चिंताजनक वृद्धि दर्ज की गई। बलात्कार, छेड़छाड़, यौन उत्पीड़न और अपहरण जैसे मामलों में औसतन प्रतिदिन करीब 20 अपराध दर्ज हुए। पुलिस ने विशेष अभियान, रात्रि गश्त और सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि सामाजिक स्तर पर ठोस सुधार जरूरी हैं।

         बड़े आयोजनों में संगठित चोरी
सनबर्न जैसे अंतरराष्ट्रीय संगीत समारोहों के दौरान लाखों रुपये के मोबाइल फोन चोरी हुए। जांच में सामने आया कि चोर महंगी गाड़ियों में पहुंचकर वारदात को अंजाम दे रहे थे, जिससे संगठित गिरोहों की भूमिका उजागर हुई। इसके बाद बड़े सार्वजनिक आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।

      वित्तीय धोखाधड़ी के मामले दोगुने
आर्थिक अपराध शाखा के अनुसार, 2025 में वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में लगभग दोगुनी वृद्धि हुई। बैंक फ्रॉड, जाली दस्तावेज और संपत्ति घोटालों ने खासतौर पर मध्यम वर्ग को प्रभावित किया। एक बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने प्रमुख रियल एस्टेट डेवलपर से जुड़े प्रकरण में 59 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की।

  ब्लैकमेल और फर्जी शिकायतें भी बढ़ीं
ब्लैकमेल के मामलों में भी तेजी आई। एक हाई-प्रोफाइल प्रकरण में छेड़छाड़ की कथित झूठी शिकायत के जरिए 10 करोड़ रुपये की उगाही की कोशिश का खुलासा हुआ, जिसमें एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने एक टीवी अभिनेत्री को गिरफ्तार किया।

  हाई-प्रोफाइल हमले और संगठित अपराध
अभिनेता सैफ अली खान पर उनके बांद्रा स्थित आवास पर हुए हमले ने देशभर में हलचल मचा दी। फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर गिरफ्तारी हुई, लेकिन आरोपी की पहचान को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी रही। ड्रोन के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियारों का जखीरा और सीमा पार अपराध ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौती खड़ी की। एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के वांछित आरोपी लॉरेंस बिश्नोई की गिरफ्तारी को बड़ी सफलता माना गया।

        ट्रांसपोर्ट और प्रशासनिक मामले
29 नवंबर को अवैध रूप से संचालित उबर से जुड़े स्कूटर पर सवार महिला यात्री की मौत के बाद पांच एफआईआर दर्ज की गईं और उबर, ओला व रैपिडो के निदेशकों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू हुई। वहीं, मंत्री पंकजा मुंडे के निजी सहायक अनंत गर्जे को पत्नी की कथित आत्महत्या के मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

          भ्रष्टाचार पर सख्त रुख
वडाला टीटी पुलिस स्टेशन के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक चंद्रकांत सरोडे और उपनिरीक्षक राहुल वागमोड को रिश्वतखोरी के मामले में सेवा से बर्खास्त किया गया। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त देवेन भारती की सिफारिश पर की गई, जो विभाग की शून्य-सहिष्णुता नीति को दर्शाती है।

कुल मिलाकर, 2025 में अपराधों की चुनौती के बीच मुंबई पुलिस की कार्रवाई ने यह संकेत दिया कि कानून व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए सख्ती और सुधार—दोनों अनिवार्य हैं।

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