विशेष संवाददाता
भिवंडी। भिवंडी निजामपुर महानगरपालिका के कोंबडपाडा स्थित भंडार गृह विभाग में लाखों रुपये की लागत से खरीदे गए वाहन और उपकरण धूल फांक रहे हैं। इस मामले को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने प्रशासन पर सार्वजनिक धन की बर्बादी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं।
मनसे के विधि विभाग जिला संगठक एडवोकेट सुनील देवरे और शहर सचिव कुणाल अहिरे ने मनपा आयुक्त अनमोल सागर को लिखित शिकायत सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए करीब 50 से 60 लाख रुपये की लागत से तीन वर्ष पहले खरीदी गई बेलिंग मशीन आज तक उपयोग में नहीं लाई गई। इसके अलावा कचरा संग्रहण के लिए खरीदी गई सैकड़ों हाथगाड़ियां भी परिसर में निष्क्रिय पड़ी हैं।

मनसे का आरोप है कि ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए जानबूझकर सरकारी उपकरणों को इस्तेमाल से दूर रखा गया है। 25 अक्टूबर 2021 को खरीदी गई अग्निशमन दल की गाड़ी (MH 04 KU 2459) और एक अन्य वाहन मामूली तकनीकी खराबी के कारण महीनों से स्टोर में खड़े हैं। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि घनी आबादी वाले भिवंडी में आगजनी की घटनाएं आम हैं, ऐसे में जीवनरक्षक वाहनों को बेकार रखना गंभीर लापरवाही है।

मनसे ने प्रशासनिक अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच सांठगांठ का आरोप लगाते हुए जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वहीं मनपा स्वास्थ्य अधिकारी जयवंत सोनावने का कहना है कि सामान फिलहाल कोनवाडा में सुरक्षित रखा गया है और आवश्यकता पड़ने पर उपयोग में लाया जाएगा। अग्निशमन विभाग के अधिकारी राजेश पवार के अनुसार, वाहन चालकों की कमी के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ी खड़ी है।
अब देखना होगा कि मनसे के आरोपों के बाद मनपा प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।

