अब्दुल गनी खान
भिवंडी, 8 मार्च: भिवंडी निजामपुर नगर निगम क्षेत्र के ऐतिहासिक बाई गुलबाई पेटीट अस्पताल के निजीकरण का प्रस्ताव आखिरकार रद्द कर दिया गया है। यह निर्णय लंबे समय से विरोध कर रही सामाजिक संस्था ‘भिवंडी एक्शन फोर्स’ के आंदोलन के बाद लिया गया।
महापौर नारायण चौधरी और उपमहापौर तारिक मोमिन ने घोषणा की कि अब अस्पताल निजी हाथों में देने के बजाय नगर निगम की देखरेख में किसी प्रतिष्ठित एनजीओ के सहयोग से संचालित किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत शहर के गरीब नागरिकों को प्रसव, ओपीडी और अन्य जरूरी चिकित्सा सेवाएं मुफ्त उपलब्ध कराई जाएंगी।

बताया जाता है कि अस्पताल को पीपीपी मॉडल पर निजी संस्था को देने की तैयारी की खबर सामने आने के बाद एक्शन फोर्स ने इसका विरोध शुरू किया था। संस्था के पदाधिकारियों ने प्रशासन को ज्ञापन देने के साथ नागपुर में भी इस मुद्दे को उठाया।
महापौर ने कहा कि जनहित और जनभावनाओं को देखते हुए निजीकरण की प्रक्रिया रोक दी गई है और जल्द ही किसी सेवाभावी एनजीओ के चयन के लिए प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
शहर के सामाजिक संगठनों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि अस्पताल जल्द ही पूरी तरह शुरू होगा और गरीब महिलाओं को प्रसव सहित बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।

