स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी पिछले 4 महीने से मानदेय से वंचित; आर्थिक संकट में महिला कर्मचारी

भिवंडी

विशेष संवाददाता
भिवंडी मनपा अंतर्गत ‘राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन’  के तहत काम करने वाले डॉक्टरों, नर्सों और लैब टेक्नीशियन सहित 197 कर्मचारी पिछले चार महीनों से वेतन न मिलने के कारण गंभीर आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। अपनी मांगों को लेकर इन सभी कर्मचारियों ने मंगलवार को मनपा मुख्यालय पहुंचकर प्रशासन का घेराव किया।
बतादे कि भिवंडी क्षेत्र में इस अभियान के तहत 192 मुख्य कर्मचारी और 396 आशा वर्कर कार्यरत हैं। इन कर्मचारियों के मानदेय के लिए प्रतिमाह लगभग 70 लाख रुपये के अनुदान की आवश्यकता होती है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप गाडेकर ने बताया कि दिसंबर माह से सरकारी अनुदान प्राप्त नहीं हुआ है, जिसके कारण वेतन रुका हुआ है। इस संबंध में संबंधित विभाग को पत्र लिखकर सूचित कर दिया गया है।
महिला कर्मचारी ने अपना दुख व्यक्त करते हुए कहा कि “हम पहले से ही बहुत कम मानदेय पर काम कर रहे हैं। पिछले तीन-चार महीनों से पैसे न मिलने के कारण हमारे सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है। हमें अपना घर चलाने के लिए दूसरों से कर्ज लेना पड़ रहा है।”

मंगलवार को विशेष महासभा समाप्त होने के बाद, पीड़ित महिला कर्मचारियों ने महापौर नारायण चौधरी से मुलाकात की। महापौर ने उन्हें बुधवार को प्रत्यक्ष मुलाकात कर इस समस्या का समाधान निकालने का आश्वासन दिया है। दूसरी ओर, नगरसेवक एडवोकेट मयुरेश पाटिल ने भी आयुक्त अनमोल सागर से मुलाकात कर कर्मचारियों की व्यथा उनके सामने रखी और जल्द से जल्द भुगतान की मांग की।

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