उर्दू स्कूलों में भर्ती घोटाला, 10-12 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप

भिवंडी

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो व मनपा प्रशासन में की गई शिकायत,कार्रवाई की मांग

अब्दुल गनी खान
भिवंडी शहर के प्राथमिक उर्दू माध्यम स्कूलों में बड़े पैमाने पर अवैध शिक्षक भर्ती और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। इस संबंध में फैज फरीद खान नामक नागरिक ने ठाणे भ्रष्टाचार प्रतिबंधक विभाग, और मनपा शिक्षण विभाग को शिकायत सौंपकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
                 शिकायत के अनुसार, शहर की कई उर्दू प्राथमिक स्कूलों जैसे न्यू नेशनल उर्दू प्राथमिक स्कूल (पिरानीपाड़ा), के.जी.एन. उर्दू प्राथमिक स्कूल (शांतिनगर), अलहेरा उर्दू प्राथमिक स्कूल, अल उम्मत उर्दू प्राथमिक स्कूल, म्हाडा कॉलोनी उर्दू स्कूल, हुडा उर्दू स्कूल, इक़रा उर्दू स्कूल, नजीर उर्दू स्कूल और तौहीद उर्दू स्कूल में कुल लगभग 70 शिक्षकों की भर्ती नियमों के विरुद्ध की गई है।आरोप है कि इन शिक्षकों में से अधिकांश टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) उत्तीर्ण नहीं हैं, फिर भी उन्हें शिक्षक पद पर नियुक्त किया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार के सरकारी आदेश जारी नहीं हुए थे, इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन द्वारा कथित रूप से फर्जी दस्तावेज और अधिकारियों के नकली हस्ताक्षर का उपयोग कर नियुक्तियां की गईं।
शिकायतकर्ता के अनुसार, इस भर्ती घोटाले में प्रत्येक शिक्षक से 15 से 18 लाख रुपये तक की रकम ली गई, जिससे कुल मिलाकर लगभग 10 से 12 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का अंदेशा जताया गया है। मामले से जुड़े कुछ सबूत भी उपलब्ध होने का दावा किया गया है।इसके अलावा, एक शिक्षक द्वारा इस कथित घोटाले का खुलासा किए जाने के बाद संबंधित स्कूलों ने आपसी सांठगांठ कर उसे नौकरी से निकालने का भी आरोप लगाया गया है।शिकायत में कहा गया है कि अयोग्य शिक्षकों की नियुक्ति से शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है, जो छात्रों के भविष्य के लिए चिंताजनक है।हालांकि इस संदर्भ में शिक्षण विभाग के अतिरिक्त आयुक्त विट्ठल डाके व उपायुक्त उपायुक्त स्वपना वसावे से संपर्क करने की कोशिश की गई,लेकिन उनकी प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *