मुंबई
शहर में अवैध चिकित्सा के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बांद्रा पश्चिम में एक फर्जी डॉक्टर का पर्दाफाश किया गया है। क्राइम ब्रांच और बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए एक अवैध क्लिनिक पर छापा मारा और दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

एफआईआर के मुताबिक, बीएमसी की सहायक चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रिया जितेंद्र जाधव की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई। डॉ. जाधव 2008 से सेवा में हैं और फिलहाल पश्चिम वार्ड में तैनात हैं। अधिकारियों को सूचना मिली थी कि बांद्रा (पश्चिम) के नंदी गली स्थित नंदी टॉकीज के पास ‘अनुज हेल्थ सेंटर’ नाम से एक क्लिनिक में बिना वैध डिग्री के इलाज किया जा रहा है।
सूचना की पुष्टि के लिए क्राइम ब्रांच यूनिट-9 ने जाल बिछाया। गोवंडी निवासी एक व्यक्ति को फर्जी मरीज बनाकर क्लिनिक भेजा गया। उसे पहले से चिह्नित ₹500 के छह नोट (कुल ₹3000) दिए गए थे। आरोपी ने मरीज की जांच कर पैसे लेकर दवाइयां दीं, जिसके बाद टीम ने शाम करीब 4:09 बजे क्लिनिक पर छापा मार दिया।
कार्रवाई के दौरान आरोपी ने अपनी पहचान आसिफ हुसैन सरवर शेख (44) के रूप में बताई, जो मुंब्रा (ठाणे) का निवासी है। उसका सहयोगी अनवर अंसार हुसैन शेख (46), मूल रूप से बरेली (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला, भी मौके पर मौजूद था।
पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी के पास कोई मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री नहीं है और वह किसी मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत भी नहीं है। इतना ही नहीं, उसके पास बीएमसी का लाइसेंस या गुमास्ता पंजीकरण भी नहीं था, बावजूद इसके वह पिछले करीब पांच वर्षों से क्लिनिक चला रहा था।
छापेमारी के दौरान टीम ने क्लिनिक से फर्जी सर्टिफिकेट जब्त किए, जिनमें ‘एक्सपर्ट इंस्टीट्यूट, इलेक्ट्रो होम्योपैथी एंड पैरामेडिकल ट्रेनिंग सेंटर’ के नाम से जारी दस्तावेज शामिल हैं। इसके अलावा बड़ी मात्रा में दवाइयां, कैप्सूल, पाउडर और खाली पैकेजिंग सामग्री भी बरामद की गई। आरोप है कि दवाओं को छोटे पैकेट में भरकर मरीजों को दिया जाता था।
पुलिस ने मौके से चिह्नित ₹3000 भी बरामद कर जब्त कर लिए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि क्लिनिक का परिसर सलीम इब्राहिम नामक व्यक्ति से ₹8500 प्रतिमाह किराए पर लिया गया था।
बांद्रा पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 319(2) तथा चिकित्सा परिषद अधिनियम, 1961 की धारा 33 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

