भिवंडी मनपा शिक्षा विभाग में सेवा नियमों पर बवाल, प्राथमिक शिक्षकों के साथ ‘अन्याय’ का आरोप

भिवंडी

माध्यमिक के नियम प्राथमिक पर लागू करने पर विवाद, महासभा में संशोधन और जांच की मांग


विशेष संवाददाता
भिवंडी महानगर पालिका के शिक्षा विभाग में सेवा शर्तीय नियमों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। आरोप है कि नियम मूल रूप से माध्यमिक विद्यालयों (कक्षा 11) के लिए बनाए गए थे, उन्हें प्राथमिक शिक्षण विभाग पर भी लागू कर दिया गया है। इससे प्राथमिक शिक्षकों के अधिकारों और कार्यप्रणाली पर प्रतिकूल असर पड़ने की संभावना है।

सूत्रों के मुताबिक भिवंडी मनपा के प्राथमिक शिक्षण विभाग में प्रशासन अधिकारी का पद अब तक स्वीकृत नहीं है। इसके बावजूद माध्यमिक विद्यालयों के मुख्याध्यापकों को प्राथमिक विभाग का प्रशासनिक कार्य सौंपा गया है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि यह व्यवस्था नियमों के खिलाफ है और इससे प्रशासनिक असंतुलन पैदा हो रहा है।मामले को लेकर अब विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। पीआरपी के अल्पसंख्यक विभाग के भिवंडी शहर अध्यक्ष अब्दुल गनी खान ने मनपा महासभा में इस मुद्दे को उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि सेवा शर्तीय नियमों में तत्काल संशोधन कर प्राथमिक विभाग के लिए अलग प्रशासनिक ढांचा तैयार किया जाए, ताकि शिक्षकों के साथ हो रहे कथित अन्याय को रोका जा सके।

उन्होंने यह भी मांग की है कि अब तक प्राथमिक विभाग में माध्यमिक स्तर के अधिकारियों द्वारा किए गए प्रशासनिक कार्यों की जांच कर उन्हें निरस्त किया जाए। उनके अनुसार, शासनादेश (जीआर) के मुताबिक माध्यमिक स्कूल के हेडमास्टर को प्राथमिक स्कूलों का कार्य सौंपना नियमों के विपरीत है। साथ ही यह स्पष्ट किया जाए कि अब तक नियमों के खिलाफ कितने फैसले लिए गए और उनका क्या प्रभाव पड़ा।
हालांकि, पूरे मामले पर शिक्षा विभाग के अधिकारी फिलहाल चुप्पी साधे हुए हैं। लेकिन बढ़ते विवाद और दबाव को देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस पर कोई ठोस निर्णय लिया जा सकता है।

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